Multicast Routing Protocols क्या होते है? और यह कैसे काम करता है?

Multicast Routing Protocols का मुख्य काम हमेशा एफ्फिसिएंट डाटा डिलीवरी करना और नेटवर्क के लोड को कम करना होता है, ताकि जो भी एक्स्ट्रा extra bandwidth है वह बर्बाद न हो और कम्युनिकेशन भी तेज और स्मूथ तरीके से हो।

नमस्कार, दोस्तों आपका स्वागत है “The Hindi Study” के एक और ब्लॉग पोस्ट में आज हम इस पोस्ट में Multicast Routing Protocols in Hindi (मल्टीकास्ट राउटिंग प्रोटोकॉल क्या हैं?) के बारे चर्चा करने बाले है। आशा करता हूँ कि आपको The Hindi Study का यह ब्लॉग पसंद आएगी तो चलिए शुरू करते है, और जानते है Multicast Routing Protocols के बारे में।

What Is Multicast Routing Protocol in Hindi

Multicast इंटरनेट पर एक ऐसी स्किल है जिसका उपयोंग करके कोई भी यूजर एक साथ एक ही समय पर ग्रुप में डाटा भेज सकता है और रिसीव कर सकता है जो कई सारे यूजर और नेटवर्क नोड्स का समूह होता है।

इस तरीके के जरिए कोई भी यूजर एक साथ कई सारे सेन्डर या रिसीवर तक एक ही बार में कई सारे डाटा पैकेट्स को भेज या रिसीव कर सकते है, चाहे वह Local Area Networks (LANs) हो या फिर वो Wide Area Networks (WANs). इस में “एक से कई” और “कई से कई” यूजर एक साथ कम्यूनिकेट कर सकते है।

मल्टीकास्ट का ज्यादातर उपयोग ग्रुप कम्युनिकेशन, ऑनलाइन गेमिंग, स्ट्रीमिंग वीडियो, और कंटेंट डिलीवरी आदि जैसे कई सारे कामो के ऍप्लिकाशन के रूप में खास तौर पर किया जाता है।

Multicast Routing Protocol कैसे काम करता है?

Multicast Routing Protocol में डेटा सिर्फ जरुरी यूजर्स तक ही भेजा जाता है यानि इसमें सिर्फ उन्ही लोगो तक डाटा भेजा जाता है जिनको इसकी आवश्यकता है, जिससे नेटवर्क bandwidth की काफी ज्यादा बचत होती है। इसका काम करने का तरीका कुछ इस तरह है:

  1. सबसे पहले कोई भी एक सेन्डर (Source) किसी तरह सिर्फ एक बार डेटा भेजता है ।
  2. फिर उसके बाद यह जो नेटवर्क है वह इसे मल्टीकास्ट ग्रुप में उन सभी डिवाइसों तक भेजता है जिन्होंने इस डाटा के लिए request भेजी हैं।
  3. फिर इसके बाद राउटर्स और स्विच मिलकर उस डेटा को सही रास्ते से आगे भेज देते हैं, ताकि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह जरूरत से ज्यादा bandwidth बर्बाद न हो।

यह जो तरीके है उसकी सहायता से कुशल और फ़ास्ट डाटा ट्रांसमिशन संभव हो पाता है, खास तौर पर इसका उपयोग वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और लाइव अपडेट जैसी अप्पिकेशन में किया जाता है।

Where is Multicast Routing used?

मल्टीकास्ट का उपयोग नीचे दी हुई technologies में किया जाता है :-

  • Video on demand 
  • Voice over IP 
  • Video streaming 
  • IP television (IPTV)

जब भी कोई सेन्डर किसी तरह का एक मल्टीकास्ट ग्रुप बनाता है तो उस समय वह मल्टीकास्ट राउटिंग का उपयोग करता है और फिर जब भी सेन्डर किसी तरह भी के डाटा पैकेट्स, रिसीवर तक पहुँचाना होता है तो उसके लिए वह इस विशेष प्रकार के मल्टीकास्ट IP addresses पर डाटा के पैकेट्स को भेजता है।

फिर इस के बाद जितने भी राउटर्स नेटवर्क में उपस्थित होते है वे सभी मल्टीकास्ट राउटिंग प्रोटोकॉल का उपयोग करके सेन्डर के द्वारा भेजे गए डाटा पैकेट्स को, उन सभी प्राप्तकर्ताओं तक पहुंचाने का सबसे आसान रास्ते को चुनता है और ये सभी प्राप्तकर्ता सेन्डर द्वारा बनाए गए मल्टीकास्ट ग्रुप के सदस्य होते है।

Which protocol is generally used for multicast?

Multicast के लिए बैसे तो कई मल्टीकास्ट राउटिंग प्रोटोकॉल्स का उपयोग किया जाता है लेकिन PIM (Protocol Independent Multicast) का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है। PIM मैं Forwarding Mechanism के आधार पर, PIM Sparse Mode (PIM-SM) और PIM Dense Mode (PIM-DM) होते है।

Which Multicast Routing Protocols are used?

निम्नलिखित प्रोटोकॉल्स का उपयोग मल्टीकास्ट Routing मैं किया जाता है :-

  • Internet Group Management Protocol (IGMP)
  • Protocol Independent Multicast (PIM)
  • Distance Vector Multicast Routing Protocol (DVMRP)

What is Protocol Independent Multicast (PIM)?

PIM मल्टीकास्ट, सेन्डर के द्वारा भेजे गए डाटा पैकेट्स को प्राप्तकर्ताओ तक पहुंचने के लिए शेयर्ड और एक विशिष्ट प्रकार के सोर्स ट्री का उपयोग करता है।

PIM एक तरह से राऊटर को dynamically, मल्टीकास्ट distribution trees बनाने की अनुमति (permission) देता है, जो कि एक सेन्डर द्वार किए गए फ़ॉर्वर्डेड डाटा पैकेट्स और मल्टीकास्ट ट्रैफिक को कई सारे प्राप्तकर्ताओ तक पहुंचाने के लिए एक ऐसा रास्ता तैयार करता है जो बदलती परिस्थितियों (conditions) के हिसाब से अपने आप को सत्यापित कर सकता है।

What are the communication kinds of PIM?

PIM में कम्युनिकेशन करने के दो तरीके होते है जिनको हमने नीचे समझाया है की यह कैसे काम करते है :-

  • PIM Dense Mode (PIM-DM)

PIM Dense Mode (PIM-DM) उस प्रकार के नेटवर्क्स के लिए बनाया गया है जिसमें बहुत से रिसीवर, मल्टीकास्ट ग्रुप से जुड़े (connect) रहने में इंटरेस्टेड होते है। इस मोड (Mode) में यह मान लिया जाता है की इस नेटवर्क में ज्यादा तर डिवाइस, मल्टीकास्ट पैकेट को प्राप्त (receive) करना चाहते है।

यही कारण है की राऊटर सबसे पहले उन सभी नेटवर्क के पैकेट्स को फैला देता है ताकि उसकी सहायता से यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह पैकेट्स सही हिस्सों तक पहुंच सके।

फिर इसके बाद राऊटर के द्वारा उन सभी डिवाइसो के हिस्सों को फिल्टर कर दिया जाता है जिन डिवाइसों को इस नेटवर्क पैकेट्स की जरूरत नहीं है यानि जो इन पैकेट्स को प्राप्त करने में इंटरेस्टेड नहीं है।

Pim Dense Mode
Pim Dense Mode (PIM-DM)

फिर इसके बाद राऊटर को होस्ट एक prune message भेजता है जिससे यह सूचित किया जा सके की उन सभी प्राप्तकर्ताओ को इस मल्टीकास्ट पैकेट्स की जरूरत नहीं है।

PIM-DM के फ्लूडिंग व्यवहार की बजह से इन सभी बड़े नेटवर्क्स में बिना मतलब का ट्रैफिक आने लगता है जिसके कारण PIM Sparse Mode (PIM-SM) का उपयोग PIM Dense Mode (PIM-DM) की तुलना में बहुत ज्यादा किया जाता है।

  • PIM Sparse Mode (PIM-SM)

Sparse Mode, में जब इन डाटा पैकेट्स को प्राप्त करने के लिए कोई भी होस्ट इंटरेस्टेड होता है तो वह मल्टीकास्ट ग्रुप में ज्वाइन होने के लिए एक “ज्वाइन मैसेज” भेजता है।

जिसके ज़रिए राऊटर को यह पता लग जाता है वे कौन – कौन से होस्ट है जिनको इस मल्टीकास्ट ट्रैफिक को प्राप्त करने में दिलचस्पी है फिर उसके बाद यह मोड सिर्फ उनी यूजर्स के लिए ही डाटा भेजता है जो उस समय एक्टिव होते है।

Pim Sparse Mode
PIM Sparse Mode (PIM-SM)

फिर इसके बाद Sparse Mode एक मल्टीकास्ट डिस्ट्रीब्यूशन ट्री बनाता है। इस मोड का उपयोग उन नेटवर्क (networks) में ज्यादा तर किया जाता है, जिनमें मल्टीकास्ट डाटा (Multicast Data) को हर एक डिवाइस तक पहुंचाने की जरुरत नहीं होती है और यह सभी नेटवर्क साइज में काफी ज्यादा बड़े होते है।

PIM Dense Mode (PIM-DM) की तुलना PIM Sparse Mode (PIM-SM) जो है वह बहुत ज्यादा प्रभावी (dominant) होता है क्योकि यह हमेशा फालतू के ट्रैफिक को कम करता रहता है।

What is Distance Vector Multicast Routing Protocol (DVMRP)?

बेसे देखा जाए तो यह मल्टीकास्ट Distance Vector Routing और Unicast distance vector routing से बहुत ही ज्यादा सरल है लेकिन इसका मल्टीकास्ट राउटिंग के लिए बढ़ाना थोड़ा कठिन सा हो जाता है।

मल्टीकास्ट राउटिंग में कभी कोई भी राऊटर अपने पड़ोसी को अपनी राउटिंग टेबल नहीं भेजता है। यही कारण है की इस राऊटर के लिए अलग से एक नई राउटिंग टेबल बनानी पड़ती है जिसको बनाने के लिए हमें Unicast distance vector routing table की जानकारी की आवश्यकता पड़ती है।

मल्टीकास्ट distance vector routing हमेशा source-based trees का उपयोग करता है लेकिन कभी भी कोई भी राऊटर किसी भी तरह की एक्चुअल राउटिंग टेबल को नहीं बनता है।

जब भी किसी राऊटर को किसी प्रकार का मल्टीकास्ट पैकेट मिलता है तो उसके बाद वह उस पैकेट को इस तरीके की सहायता से आगे भेजने का काम करता है जैसे की वह किसी राउटिंग टेबल को सौंप रहा हो।

  • Flooding
  • Reverse Path Forwarding (RPF)
  • Reverse Path Multicasting (RPM)
  • Reverse Path Broadcasting (RPB)

Distance Vector Multicast Routing Protocol (DVMRP) एक मल्टीकास्ट रूटिंग प्रोटोकॉल ही होता है जो की distance vector routing के सिद्धांतो पर आधारित होता है। यह एक तरह का source-based रूटिंग प्रोटोकॉल होता है जो हमेशा Routing Information Protocol (RIP) के फाउंडेशन पर काम करता है।

What is a MOSPF Multicast Open Shortest Path First (MOSPF)

मल्टीकास्ट link-state routing में हमेशा उस ट्री की प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है जो सोर्स के आधार पर काम करती है। मल्टीकास्ट रूटिंग के लिए, एक नोड को अपने स्टेट का interpretation को थोड़ा सा बदलने की आवश्यकता पड़ती है। यहाँ स्टेट (state) का मतलब यह होता है, की यह जो लिंक है उस पर कौन से ग्रुप इस समय एक्टिव हैं।

इसमें एक नोड सभी ग्रुप को विज्ञापित करता है जिसमें इस लिंक पर कोई भी लॉयल मेंबर नहीं होता है। ये ग्रुप इनफार्मेशन, IGMP से मिलती है। हर राउटर जो IGMP चला रहा होता है, वो लिंक पर होस्ट्स से उनके मेम्बरशिप स्टेटस के बारे में पूछता है।

MOSPF, का पूरा नाम Multicast Open Shortest Path First protocol होता है, जो OSPF प्रोटोकॉल का ही एक्सटेंशन होता है जो हमेशा source-based trees बनाने के लिए मल्टीकास्ट लिंक स्टेट राउटिंग का ही उपयोग करता है।

इस प्रोटोकॉल को एक नई link state update packet जरूरत होती है, जो होस्ट द्वारा स्पोंसर की गई युनीकास्ट एड्रेस को उस ग्रुप एड्रेस या addresses के साथ संबंधित करता है। इस पैकेट को group-membership LSA के नाम से जाना जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

मल्टीकास्ट राउटिंग प्रोटोकॉल्स एक efficient networking technique है, जो नेटवर्क की performance को बेहतर बनाने के लिए data transmission को optimize करता है। इस प्रोटोकॉल का ज्यादातर उपयोग real-time applications जैसे video conferencing, live streaming, online gaming और IoT आदि जैसे कई क्षेत्रो में उपयोगी होता है।

इस टेक्नोलॉजी की वजह से bandwidth की काफी बचत होती है, network congestion भी कम होता है और data delivery भी तेज और efficient बनती है। इसलिए, यह modern networking और digital communication के लिए एक बहुत ही ज्यादा जरूरी तकनीक बन चुकी है।

Reference: https://www.nwkings.com/what-is-multicast-routing-protocols

निवेदन:- उम्मीद है कि आपको यह पोस्ट Multicast Routing Protocols in Hindi अच्छी लगी होगी और इसे पड़ने के बाद आपको इस विषय से सम्बंधित सवालों के जवाब मिल गए होंगे। अगर फिर भी आपके पास Multicast Routing Protocols in Hindi से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाब हो तो आप हमें comment के जरिए बता सकते है। Thank You!

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