नमस्कार दोस्तों, The Hindi Study आपका स्वागत करता है आजके इस आर्टिकल में। वैसे अगर देखा जाए आप IoT में मॉडल्स के वारे में तो जानते ही होंगे लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है। की यह मॉडल्स एक दूसरे से कम्युनिकेट कैसे करते है में जानता हूँ की आप में से कई लोग Communication Models in IoT in Hindi के बारे में जानते होंगे लेकिन कुछ लोग है जो यह नहीं जानते की Communication Models क्या होते है।
तो इसी लिए आज हम इस blog पोस्ट में Communication Models in IoT (Internet of Things) in Hindi के बारे में चर्चा करने बाले है। तो चलिए शुरू करते है जानते है की Communication Models क्या होते है और Communication Models के प्रकार कौन – कौन से होते है।
टॉपिक
What are Communication Models in Hindi
वैसे देखा जाए तो आज के समय में आपको हर जगह IoT (Internet of Things) devices देखने को मिल जाती हैं, और यह आने वाले समय में Communicative Intelligence को और भी कई ज्यादा capable बनाएंगी। इसमें जो IoT devices होती है वह एक-दूसरे से connected रहकर real-time communication करती हैं, जिससे automation और data sharing काफी ज्यादा आसान हो जाती है।
अगर आपको IoT के operational perception को समझना है तो आपके लिए यह जानना बहुत important और useful होता है कि ये जो devices होती है वह आपस में कैसे interact और communicate करती हैं। Communication Model जो होता है उसका IoT में सही और बेहतर रूप से उपयोग करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, क्योंकि यह efficient data transfer और seamless connectivity सुनिश्चित करता है।
IoT जो होती है वह सिर्फ smart devices को आपस में जोडने का काम नहीं करता है, बल्कि यह लोगों और devices को किसी भी जगह, किसी भी network, और किसी भी service से seamlessly connect करने की सुबिधा प्रदान करता है। इसका उपयोग smart homes, industrial automation, Healthcare, और transportation जैसे कई सारे क्षेत्रों में efficiency और productivity को बढ़ाने के लिए काफी ज्यादा किया जा रहा है। आने वाले समय में IoT technology advancements के साथ और भी ज्यादा powerful और impactful होने वाला है।
Types of Communication Models in Hindi
- Request & Response Model
- Publisher-Subscriber Model
- Push-Pull Model
- Exclusive Pair
Request & Response Model
यह Model, client-server architecture को follow करता है।
- इस model में जब भी client को information की जरूरत पड़ती है तो वह server से information के लिए request करता है। यह request आमतौर पर encoded format में होती है।
- यह model किसी भी request के बीच data को बराबर नहीं रखता है इस लिए यह Model एक stateless Model है। यह model, independent रूप से हर एक request को manage करता है।
- फिर यह model server की मदत से request को classifies करता है। और database के साथ – साथ उसके resource representation से भी data प्राप्त करता रहता है। और यह डाटा convert हो कर response में बदल जाता है और फिर इसे encoded format में client को transfer कर दिया जाता है। जिस के बदले में client को response प्राप्त होता है।
- वंही दूसरी तरफ clients, server को request-response communication model को request भेजता है। और फिर उसके बाद उस request का server जवाब देता है। जब भी server किसी तरह की request को प्राप्त करता है तो उस के बाद वह यह decides करता है की उसे किस तरह respond देना है, और data प्राप्त करता है। साथ ही resources भी प्राप्त करता है, और फिर उस के बाद response तैयार करता है जिसे बाद में client को send कर देता है।

Publisher-Subscriber Model
यह model तीन entities से मिल कर बना है : Consumers, Publishers, और Brokers.
- इस मॉडल में Publisher एक तरह का data का source है। यह model पहले topics तक data को भेजता है फिर उस डाटा को broker द्वारा manage किया जाता है। क्योकि Publisher के पास consumers की कोई जानकारी नहीं होती है।
- इस model में broker द्वारा जो topic manage किए गए है सिर्फ उन्हें ही Consumers subscribe कर सकता है।
- इसलिए, publishers से data को लेकर उस data को appropriate consumers तक पहुचाने की जिम्मेदारी Brokers की होती है। क्योकि Brokers को consumers से सम्बंधित पूरी जानकारी होती है, जो किसी important topic से सम्बंधित होती है, जिस topic के बारे में consumers को बिल्कुल भी जानकारी नहीं होती है।

Push-Pull Model
इस मॉडल में data queues, data publishers, और data consumers शामिल होते है।
- इस में data publishers और data consumers ही एक दूसरे के बारे में नहीं जानते है।
- इस में पहले publishers किसी भी massage/data को queues में push करते है। और दूसरी तरफ उसी massage/data को consumers अपनी ओर खींचते है। इस में queues उस समय buffer की तरह काम करता है जब publishers और consumers की तरफ से massage/data के push और pull की Rate में अंतर होता है।
- Producers और Consumers के बीच massage/data भेजने के कार्य को अलग – अलग करने में queues help करते है। queues उस टाइम में Buffer का काम करती है जो उन condition में हेल्प करता है जब publishers द्वारा massage भेजने और consumers द्वारा massage लेने की Rate में कुछ अंतर आता है।

Exclusive Pair
- यह model एक तरह का bi-directional model है। जिस मॉडल में client और server दोनों के बीच full-duplex communication भी शामिल होता है। इस connection हमेशा इस्थिर रहता है। और यह तब तक खुला रहता है जब तक client खुद उसे बंद करने की request नहीं भेज देता।
- इन सभी खोले गए connections का record server हमेशा रखता है।
- यह model एक state-full connection model है जिस के कारण server हमेशा खुले हुए connections से aware रहता है।
- इस model में पूरी तरह से WebSocket पर आधारित communication API इसी model पर आधारित होती है।

निष्कर्ष (Conclusion):
Communication Modal जो होते है वह हमें यह समझने में मदद करते हैं कि किस तरह इंफॉर्मेशन ट्रांसमिट, रिसीव और प्रोसेस की जाती है। यह मॉडल्स, लीनियर, इंटरएक्टिव और ट्रांजैक्शनल, आदि जैसे कई अलग-अलग कॉन्टेक्स्ट में कम्युनिकेशन प्रोसेस को डीकोड करने में काम आते हैं। इन्हें समझने से कम्युनिकेशन प्रोसेस जो है वह काफी स्मूथ हो जाती है, Miscommunication भी कम होता है, और पर्सनल, प्रोफेशनल और टेक्नोलॉजिकल लेवल पर क्लैरिटी बढ़ती है।
Reference; https://www.geeksforgeeks.org/communication-models-in-iot-internet-of-things/
हम आपसे आशा करते है की The Hindi Study की यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी। और इस पोस्ट की सहायता से आपको यह जानने को मिला होगा की IoT में Communication Models क्या होते है। और Communication Models के प्रकार कौन – कौन से होते है। अगर आपको Communication Models in IoT in Hindi से सम्बंधित कोई भी परेसानी या फिर इस से सम्बंधित कोई भी सुझाब देना हो तो आप हमें comment की सहायता से बता सकते है। जिससे हम इस post को और भी बेहतर और अच्छा बना सके। Thank You!